दर्द आज विश्वभर में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। कमर दर्द, गर्दन दर्द, माइग्रेन और जोड़ों का दर्द लाखों लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे में एक्यूपंक्चर एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आया है।
पारंपरिक दर्दनाशक दवाएँ जैसे NSAIDs और ओपियोइड्स अल्पकालिक राहत तो देती हैं, लेकिन इनके दीर्घकालिक उपयोग से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसी कारण वैकल्पिक और सुरक्षित उपचारों की आवश्यकता बढ़ी है।
अनेक नियंत्रित अध्ययनों और मेटा-विश्लेषणों में यह पाया गया है कि एक्यूपंक्चर कमर दर्द, गर्दन दर्द, माइग्रेन और ऑस्टियोआर्थराइटिस में प्रभावी रूप से दर्द कम करता है।
17,000 से अधिक मरीजों पर किए गए अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ कि एक्यूपंक्चर का प्रभाव केवल प्लेसबो नहीं है, बल्कि वास्तविक और लंबे समय तक टिकने वाला है।
शोध के अनुसार, एक्यूपंक्चर शरीर के तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, प्राकृतिक दर्दनाशक रसायनों (एंडोर्फिन) के स्राव को बढ़ाता है और मस्तिष्क के दर्द केंद्रों को संतुलित करता है।
एक्यूपंक्चर आज केवल पारंपरिक चिकित्सा नहीं, बल्कि प्रमाण-आधारित और विश्वसनीय उपचार पद्धति के रूप में स्थापित हो चुका है। यह उन रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो दवाओं के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हैं।